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पुलिस की मौजूदगी में आपत्तिजनक बयान
कट्टरवादी संगठन पीएफआई (PFI) पर जहां एक ओर बुधवार को यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के उज्जैन में उसे तकरीर करने की खुली छूट। पुलिस की मौजूदगी में हिन्दूवादी संगठनों पर आपत्तिजनक बयानबाजी। यह सब हुआ बुधवार की रात। जब नागौरी मोहल्ले में पीएफआई की स्थापना दिवस समारोह मनाने जुटे सैकड़ों लोग थे।
पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष कफील रजा समेत सभी वक्ता एक तरफ अपनी तकरीरों में कौमी एकता दिखाना नहीं भूले। वहीं दूसरी ओर केंद्र की मोदी व सूबे की शिवराज सरकार, आरएसएस, बजरंग दल उनके निशाने पर रहा। कहने को यह सर्व समुदाय में इंसानियत का तकाजा निभाने, मजलूमों की मदद करने, संवैधानिक अधिकारों के हक के लिए संघर्ष का अलख जगाने का आयोजन था। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में मृत किसानों को श्रद्धाजंलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
PFI के 14वें स्थापना दिवस के मौके पर बुधवार को शहर के 5 स्थानों पर दिन भर कार्यक्रम हुए। मुख्य आयोजन रात 8.30 बजे नागौरी मोहल्ला में आमसभा का था। यहां PFI से जुड़े मुफ्ती हनीफ अहरार गोआ ने तकरीर में कहा कि भाजपा की प्रदेश सरकार अवाम को लड़ाने का काम कर रही है। मुफ्ती ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए RSS को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि संघ जैसे 10 संगठन भी आ जाएं तो अकेले PFI उनका मुकाबला करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि राममंदिर के लिए हमें चंदा देने पर एतराज नहीं, लेकिन बाबरी मस्जिद के हक की मिल्कियत पर मंदिर की तामीर के लिए मुसलमानों के मोहल्लों में हजारों की तादाद में जुलूस निकालकर मुसलमानों को डराकर चंदा लिया जाएगा, मुसलमानों के मोहल्लों को तोड़ा जाएगा, उनके घरों पर हमला किया जाएगा, वहां जाकर वंदे मातरम् का नारा लगाया जाएगा और जय श्रीराम की आवाज निकाली जाएगी तो हम इन हरकतों को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष कफील रजा ने कहा कि देश को धर्म और जातियों के नाम पर लड़ाया जा रहा है। हम लोगों को यूनाइट होना है। बोले, सरकार हम लोगों के खिलाफ एनएसए व यूएपीए लगाएगी, लेकिन हम लोगों को डरना नहीं है। मुकाबला करना है। पीएफआई के बैनरतले हम सब की एकजुट होना है। लंबी जद्दोजहद के बाद आजादी मिली। अब उसे डेमोक्रेसी को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। देश फांसीवाद और पूंजीवाद की ओर ले जाया जा रहा है। मुल्क के हालात किसी से छिपे नहीं हैं।
एक भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा
गौरतलब है कि आमसभा में लॉ एंड आर्डर की स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल तो भारी संख्या में मौजूद रहा। सीएसपी एके नेगी, महाकाल थाना प्रभारी अरविेंद सिंह तोमर, एसआई गगन बादल, नीलगंगा थाना पुलिस, जीवाजीगंज थाने के एसआई प्रमोद भदौरिया फोर्स के साथ डटे रहे। आईबी और सीआईडी की टीम यहां भी यहां मौजूद रही, मगर जिला प्रशासन का एक भी जिम्मेदारी अधिकारी नजर नहीं आया।